पूर्व भारतीय राजनयिक का दावा: जंग की शुरुआत अमेरिका-इजराइल ने की, ईरान दे रहा जवाब

ईरान
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पूर्व भारतीय राजनयिक के.पी. फैबियन ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत अमेरिका और इजराइल ने की, जबकि ईरान केवल जवाबी कार्रवाई कर रहा है। फैबियन के अनुसार, ईरान बेहद रणनीतिक तरीके से कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का रुख संतुलित है वह अन्य देशों के जहाजों के लिए रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाए हुए है।

ये भी पढ़ें :  CM विष्णुदेव साय ने स्वातंत्र्य वीर सावरकर के जीवन पर आधारित स्मारिका 'सावरकर सौरभ' का किया विमोचन

उन्होंने हाल ही में जापान के प्रधानमंत्री सनाए  ताकाइची की अमेरिका यात्रा और डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का भी जिक्र किया। फैबियन के मुताबिक, इन कूटनीतिक वार्ताओं के बीच ईरान ने दो जापानी नागरिकों को रिहा करने जैसे कदम उठाए, जो उसकी रणनीति का हिस्सा है। परमाणु हमलों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार किसी भी बड़े रेडिएशन रिसाव के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे तत्काल परमाणु खतरे की पुष्टि नहीं होती।
 
इतिहास का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्वेज नहर संकट का जिक्र किया और कहा कि पहले भी इस क्षेत्र में बड़ी शक्तियों के टकराव ने हालात बिगाड़े हैं। ऊर्जा संकट पर चिंता जताते हुए फैबियन ने कहा कि कतर की गैस उत्पादन क्षमता लगभग 17% घट गई है, जिससे भारत सहित कई देशों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

ये भी पढ़ें :  चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया है, जो भारत से काफी ज्यादा है, ड्रैगन ने फिर कर दिया भारी इजाफा

फैबियन ने यह भी कहा कि ईरान ने पहले परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए कई शर्तें मान ली थीं, लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में अमेरिका ने इसे आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने इस पूरे संघर्ष को “खतरनाक वैश्विक स्थिति” बताते हुए कहा कि त्योहार जैसे ईद के दौरान हमले होना बेहद दुखद है और यह दिखाता है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।

Share

Leave a Comment